Monday, June 9, 2008

गुदा मैथुन (Anal sex)

क्या आप प्रयोग के लिये उत्सुक हैं? यदि आपका पार्टनर ‘बैक डोर गर्ल’ (back doors girl) के अनुभव को परखना चाहता है या फिर उसके अनुभव लेना पसंद करना चाहते हैं ... ऐसे में आप अपने पहले गुदा मैथुन (Anal sex) के अनुभव के लिये इस व्यावहारिक सलाह का प्रयोग कर सकते हैं. इससे दर्द रहित, उत्तेजक और कल्पना से परिपूर्ण तीव्रता की अनुभूति आपको हो सकती है.
आपके पार्टनर की बड़ी आंत का अंतिम हिस्सा जो गुदा में मिला होता है (rectum) यह अति संवेदनशील नसों से भरा होता है. जहां आप तीव्र उत्साह या आवेग प्राप्ति के लिए उंगली या लिंग डाल कर उत्तेजित कर सकते हैं. एनल सेक्स उच्च घर्षण के दौरान और साहसिक नजरिये से आपके लिए काफी तीव्र आवेग उत्पादित कर सकता है. विश्व के कई हिस्सों में यह सामान्य तरीके से लिया जाता है और कई बार गर्भ धारण से बचने के लिये विश्वसनीय आनंददायी तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन भारत में इसे अभी सामाजिक व क्रियात्मक मान्यता नहीं है. यह अलग बात है युवा पीढ़ी अब धीरे-धीरे इस ओर उन्मुख हो रही है.
इसके विपरीत एक आंकड़े के मुताबिक 27% यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) की महिलाएं गुदा मैथुन का आनंद लेना पसंद करती हैं. यहां यह जान लेना भी जरूरी है कि गुदा मैथुन के साथ कुछ खतरे भी जुड़े रहते हैं लेकिन उन्हें उचित सावधानियों द्वारा कम किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर कंडोम का इस्तेमाल करके.
पुरुष और महिला के बीच गुदा मैथुन द्वारा आनंद की प्राप्ति काफी सामान्य घटना है और इंग्लैंड में निःसंदेह तौर पर यह गैरकानूनी नहीं है जबकि यह दो वयस्कों के बीच सहमति से किया जाय . वहीं इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि भारत में अभी गुदा मैथुन को लेकर लोगों का नजरिया उतना खुला नहीं है और इसे निकृष्ट कृत्य की दृष्टि से देखा जाता है साथ ही इसे अभी सामाजिक और कानूनी मान्यता भी नहीं मिली है. फिर भी युवा पीढ़ी इसके मोह की ओर आकर्षित हो रही है. साथ ही इसका प्रचलन बढ़ता जा रहा है. अभी तक लोग इसे नवाबी शौक मात्र मानते थे लेकिन युवाओं का झुकाव अब इस ओर होने लगा है.
अब यदि आप इस रास्ते आनंद प्राप्त करने की सोच रहे हैं तो फोरप्ले के लिये अपने पूर्वज्ञान पर आधारित पीछे से प्रवेश के तरीके (rear entry position) को इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिये अपने पार्टनर को अपने सामने घुटनों के बल कीजिये जिससे उसकी गुदा (anus) पूर्णतः दिखने लगे. अब आप उसके दोनों नितंबों (buttocks) को हाथों द्वारा और फैलाएं ताकि गुदाद्वार और स्पष्ट दिखाई देने लगे. अब आप अपने पार्टनर को गुदा मैथुन के लिये तैयार करने और इसके लिये मूड बनाने के लिये उसे गुदा मैथुन को लेकर अपनी कल्पनाओं के बारे में बताएं. आप चाहें तो उसे यह बता सकते हैं कि उसका यह छिद्र आपको काफी अच्छा लग रहा है मानों आप उसे चूमना चाहते हैं. इस दौरान उसके छिद्र और आसपासके क्षेत्र को गीली अंगुलियों से सहलाते और थपथपाते जाएं. इसके साथ ही उसके भगशिश्न (clitoris) को दूसरे हाथ से उत्तेजित करना न भूलें, क्योंकि इस दौरान ज्यादातर महिलाओं को तीव्र आवेग (very aroused) और शिथिलता( relax) की आवश्यकता होती है. इसके विकल्प के तौर पर आप उसकी योनि में उंगली डालकर उसके जी-स्पॉट को खोजने की कोशिश कर सकते हैं.इसके लिये सबसे संवेदनशील तरीका है कि आप उसे बेहतरीन मुख मैथुन (oral sex) का आनंद दें साथ ही उसके गुदाद्वार और उसके आसपास तेज चुंबन दें. इसके विकल्प के तौर पर एक बेहतरीन नाटकीय परिणाम के लिये आप उसके भगशिश्न (clitoris) को चूसे जब कि आप कि पूर्णतः गीली अंगुलियां उसके गुदाद्वार को उत्तेजित कर रहीं हों.
आप दोनों के उत्तेजित हो जाने पर आप अपने पार्टनर को कहें कि वह अपने गुदाद्वार में अपनी उंगलियां डालने का प्रयास करे. एनल सेक्स शुरू करने से पहले ऐसा करने पर वह काफी आनंद (comfortable) का अनुभव करेगी, साथ ही आपको यह देखने का फायदा मिलेगा कि वह यह सब कैसे कर रही है जो आगे आपको उसकी पसंद का तरीका बता सकता है.
एनल सेक्स (गुदा मैथुन) के पूर्व वैजाइनल सेक्स (योनि संभोग) करना बेहतर माना जाता है क्योंकि प्रथमतः इससे वह पू्र्ण उत्तेजित हो जाती है वहीं दूसरी ओर आपके लिंग को भी पर्याप्त चिकनाहट मिल जाती है. ज्यादातर महिलाएं गुदा में तब उत्तेजना का आनंद महसूस करती हैं जब आपका लिंग उनकी योनि के अंदर होता है. वह तीव्र उत्तेजना का अनुभव तब करती है जब आप उसे प्यार से सहला रहे होते हैं और आपकी उंगलियां उसके गुदाद्वार पर हल्की थपथपाहट कर रही होती है. इस दौरान आप महसूस करेंगे कि उसके गुदाद्वार की नसें ढीली हो चुकी होती हैं. अब आप धीरे-धीरे अपनी एक उंगली उसके गुदाद्वार के अंदर डालें. आप पाएंगे इस दौरान उसे किसी प्रकार की पीड़ा का अनुभव नहीं हो रहा है.
अब यदि आप पाते हैं कि इस दौरान आपका पार्टनर खुश और संतुष्ट है तो आप इस क्रिया को जारी रख सकते हैं . अब वह समय आ गया है कि आप अपना लिंग उसके गुदाद्वार में धीरे-धीरे आराम से प्रवेश करा सकते हैं. लेकिन यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि एनल सेक्स के लिए लिंग में चिकनाहट और गीलापन होना अत्यंत महत्वपूर्ण और जरूरी है. इसके लिये प्रवेश के पूर्व गुदाद्वार पर काफी मात्रा में चिकना द्रव्य छोड़े साथ ही अपने लिंग को भी पूर्ण स्निग्ध कर लें. ताकि आप दोनों एनल सेक्स का पूर्ण आनंद ले सकें. यहां यह ध्यान देने योग्य है कि एनल सेक्स के लिये फोरप्ले के दौरान आपकी उंगली उत्तेजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है.
सबसे आसान और सबसे सेक्सी पोजीशन लिंग को अंदर प्रवेश कराने के लिये उसका आपके सामने घुटनों के बल झुकना है. क्योंकि इससे आपको उसके छिद्र की उत्तेजना और स्थान स्पष्ट दिखाई देता है, और ज्यादातर महिलायें एनल सेक्स के लिये इस पोजीशन को ही पसंद करती हैं. फिर भी आप इसके अलावा भी कई तरीके अपना सकते हैं जो आप दोनों को पसंद हो. आप इसके लिये स्पून (spoons) पोजीशन में लेट जाएं. क्योंकि इससे आपकों आरामदायी प्रवेश प्राप्त होती है साथ ही यह बेहतर भी है क्योंकि आप इस पोजीशन में एक साथ उसके स्तनों, निप्पल और क्लिटोरी को सहला सकते हैं.
यह वह एनल सेक्स के लिये नई है तो इस पोजीशन मे जब वह ऊपर होगी तो लिंग को गुदा में प्रवेश को काफी अच्छे तरीके से कंट्रोल कर सकती है. इसलिए नई महिलाओं को यह पोजीशन काफी पसंद आती है. साथ ही पुरुषों को भी यह बेहतर लगता है क्योंकि इस दौरान वे अपने लिंग को प्रवेश करते हुए देख सकते हैं.
यहां पर महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि एनल सेक्स के दौरान हमेशा कंडोम का प्रयोग करें ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके, मसलन एचआईव्ही या कोई अन्य यौन संक्रामक रोग. साथ ही यह भी ध्यान रखे कि एनल सेक्स करने के बाद वैजाइनल सेक्स तब तक न करें जब तक कि आप अपने लिंग को धो न लें क्योंकि इससे गुदा से योनि में आसानी से वैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं. यही तरीका उंगलियों में भी प्रयोग करें. जहां तक हो सके कोशिश करें कि एक हाथ गुदा के लिये प्रयुक्त हो तो दूसरा योनि के लिये. साथ ही सबसे महत्वपूर्ण है कि एनल सेक्स के लिए अपने पार्टनर की सहमति सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि बिना सहमति के सेक्स करने से उसके लिये यह काफी पीड़ादायक अनुभव होगा और भविष्य में वह इसके लिये तैयार नहीं होगी.

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